32 ✓ कॉन्ट्रैक्ट चेकलिस्ट

चेकलिस्ट: साइन करने से पहले कॉन्ट्रैक्ट में डालने वाली बातें

ऊपर बताई सभी बातों के आधार पर यह एक व्यावहारिक चेकलिस्ट है। इसे अपने ठेकेदार के साथ लाइन-बाय-लाइन देखें और हर बात कॉन्ट्रैक्ट में लिखवाएं — सिर्फ ज़ुबानी वादे पर भरोसा न करें।

⬇ PDF · कॉन्ट्रैक्ट चेकलिस्ट
  1. 01रोड लेवल और अपनी ज़मीन का लेवल नपवाकर, फाइनल प्लिंथ हाइट तय करके बेस रेट में शामिल कराएं (2-3 फीट से ऊपर 'एक्स्ट्रा' बिल न हो)।
  2. 02छज्जे, बालकनी और गैलरी की ड्रेनेज पाइप/स्लोप प्लान में मार्क हों और प्लिंथ बीम-लेंटर के साथ ही लगें, बाद में नहीं।
  3. 03कार रैंप की लंबाई कम से कम 10 फीट और अधिकतम ढलान तय हो, प्लिंथ बीम पड़ने से पहले ही — और रैंप के ग्रेनाइट की लंबाई और चौड़ाई कॉन्ट्रैक्ट में लिखी हो।
  4. 04अंडरग्राउंड वाटर टैंक और सोख्ते का साइज़ परिवार की ज़रूरत के हिसाब से फिक्स करके लिखा जाए, ओपन-एंडेड न हो।
  5. 05लिफ्ट शाफ्ट की इलेक्ट्रिकल फिटिंग (हैवी वायरिंग + लाइटिंग) अलग लाइन आइटम के रूप में, योग्य इलेक्ट्रिशियन के साथ हो।
  6. 06लेंटर की लेवलिंग की खामी हैंडओवर से पहले ठेकेदार ठीक करे; फॉल सीलिंग आपकी डिज़ाइन पसंद हो, खामी छिपाने का ज़रिया नहीं।
  7. 07असली काम करने वाले सब-कॉन्ट्रैक्टर का नाम बताया जाए, और आपकी पेमेंट लिखित, तारीख वाले माइलस्टोन से जुड़ी हो।
  8. 08पेमेंट शेड्यूल वेरिफाई हो सकने वाले फिनिशिंग स्टेज से जुड़ा हो, फिनिशिंग (पेंट, पत्थर, वुडवर्क) पूरा होने तक 25-30% रोका जाए।
  9. 09वॉटरप्रूफिंग ('झाप') का रेट अलग और साफ हो, लेंटर के रेट में बंडल न हो।
  10. 10हर फ्लोर की बाउंड्री/पैरापेट/रेलिंग का रेट लिखित में पक्का हो — शामिल है या अलग।
  11. 11किचन की फॉल सीलिंग शुरुआत से ही शामिल हो, ताकि एग्ज़ॉस्ट डक्ट छिप सके।
  12. 12हर ग्रिल, रेलिंग और गेट का मैटीरियल (एम.एस. या स्टील) तय हो, रेट प्रति किलो या प्रति रनिंग फीट फिक्स हो।
  13. 13साइनिंग के महीनों बाद खरीदी जाने वाली टाइल, ग्रेनाइट, पेंट जैसी फिनिशिंग सामग्री के लिए इन्फ्लेशन-शेयरिंग क्लॉज़ जोड़ा जाए।
  14. 14मेन गेट और सीढ़ी की रेलिंग शामिल हैं या नहीं, यह साफ हो; बाहर हों तो 304 ग्रेड स्टील के रेट (लगभग ₹500/किलो) से बजट बनाया जाए और अलग से कोटेशन लिया जाए।
  15. 15हर दरवाज़े, खिड़की और लकड़ी की सतह के लिए पेंट या पॉलिश (एनामेल पेंट, मेलामाइन या PU पॉलिश, ब्रांड/ग्रेड सहित) साफ लिखा हो।
  16. 16सब-कॉन्ट्रैक्टर के नाम और पेमेंट की ज़िम्मेदारी लिखी हो, ताकि उनकी पेमेंट में देरी आपके काम की देरी का बहाना न बने।
  17. 17AC पाइपिंग, ड्रेन पॉइंट और वॉल स्लीव शुरुआत से ही इलेक्ट्रिकल/प्लंबिंग स्कोप में शामिल हों।
  18. 18लेंटर के काम के लिए प्रीमियम ग्रेड सीमेंट का नाम साफ लिखा हो।
  19. 19कॉलम, बीम और प्लिंथ बीम का सरिया भविष्य में जितने भी फ्लोर बढ़ सकते हैं उसके हिसाब से साइज़ हो — सिर्फ अभी वाले फ्लोर के हिसाब से नहीं — स्ट्रक्चरल इंजीनियर से कन्फर्म करके कॉन्ट्रैक्ट/ड्रॉइंग में लिखवाएं।
  20. 20हर फ्लोर के हर बाथरूम में सही सनकेन स्लैब (असली नीचे डला RCC पोर, सिर्फ मलबा भराव नहीं) तय हो।
  21. 21साइन करने से पहले लाइट पॉइंट लेआउट, डिज़ाइनर वॉल का डिज़ाइन और वॉल/सीढ़ी की मोल्डिंग डिज़ाइन फाइनल करके कॉन्ट्रैक्ट से अटैच हो।
  22. 22कैंटीलीवर बीम का डिज़ाइन और सरिया स्पेसिफिकेशन ढलाई से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर से अप्रूव हो।
  23. 23प्लिंथ बीम हर जॉइंट पर एक इंटरकनेक्टेड फ्रेम के रूप में कन्फर्म हों, अलग-अलग टुकड़ों में नहीं — इसकी कीमत पहले से कॉन्ट्रैक्ट में शामिल हो।
  24. 24क्यारियां सही 4-6 इंच ईंट की बाउंड्री और सीमेंट स्लरी लाइनिंग से बनें, कम से कम 21 दिन पानी से भरी रहें और उस दौरान छत पर कोई और काम न हो; सीढ़ी की ढलाई मुख्य लेंटर के साथ उसी दिन या अगले दिन हो।
  25. 25हर दिखने वाली चीज़ (सीढ़ी, रैंप, दरवाज़े, खिड़कियां, ग्रिल, सिंक, टॉयलेट, गेट, रेलिंग) का सही साइज़, मटीरियल, ग्रेड और मॉडल लिखा हो — मानकर चलें कि जो नहीं लिखा, वह सबसे सस्ता मिलेगा।
  26. 26सीढ़ी का ग्रेनाइट तय हो: सिंगल या डबल लेयर, किनारे की मोल्डिंग, ग्रेनाइट का टाइप/रंग और मोटाई, और राइज़र।
  27. 27हर दरवाज़े और चौखट के लिए लकड़ी का टाइप (ठोस सागवान/कोई और हार्डवुड/फ्लश), मोटाई और फिनिश लिखी हो।
  28. 28हर खिड़की तय हो: सिंगल या डबल पल्ला, जाली + शीशा, शीशे का टाइप और मोटाई, फ्रेम का मटीरियल।
  29. 29छत की ग्रिल का डिज़ाइन पहले ही तय हो (सादा पाइप, CNC जाली, MS आयरन या स्टील), डिज़ाइन रेफरेंस और रेट के साथ।
  30. 30किचन सिंक 304 ग्रेड स्टेनलेस स्टील का लिखा हो, साइज़, बाउल/ड्रेनबोर्ड टाइप, ब्रांड और मॉडल के साथ, और नल का मॉडल भी।
  31. 31हर बाथरूम में हर WC, वॉश बेसिन, नल, शावर और फ्लश का ब्रांड और मॉडल नंबर दोनों लिखे हों।
  32. 32पेमेंट कभी भी पूरे हुए काम से आगे नहीं; काम छोड़ने पर लिखित क्लॉज़ (बचा काम नापकर उसके खर्च पर दूसरे ठेकेदार को दिया जाएगा); हर एक्स्ट्रा काम से पहले रेट के साथ लिखित में मंज़ूर; फोटो और पेमेंट का रिकॉर्ड रखा गया हो।

अपना कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट चेक करवाएं

कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू →